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देश राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने न्यायमूर्ति एनवी रमन्ना को देश का अगला मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया
नई दिल्लीः न्यायमूर्ति एनवी रमन्ना देश के अगले मुख्य न्यायाधीश(Chief Justice) होंगे। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने इनके नाम पर मंजूरी दे दी है। बता दें कि मौजूदा मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे ने अपने उत्तराधिकारी के तौर पर न्यायमूर्ति एनवी रमन्ना के नाम की सिफारिश की थी। 

सीजेआई एसए बोबडे 23 अप्रैल को रिटायर हो रहे हैं और 24 अप्रैल को न्यायमूर्ति एनवी रमन्ना अगले सीजेआई के तौर पर शपथ लेंगे। बता दें कि न्यायमूर्ति नाथुलापति वेंकट रमन्ना को साल 2014 में सुप्रीम कोर्ट का जज नियुक्त किया गया था। हालांकि उनके कार्यकाल में दो साल से भी कम का वक्त बचा है क्योंकि जस्टिस रमन्ना 26 अगस्त 2022 को रिटायर होने वाले हैं। 

कौन हैं एन वी रमना

बता दें कि सर्वोच्च न्यायालय में सीनियर जस्टिस एनवी रमना का पूरा नाम नथालपति वेंकट रमण हैं. उनका जन्म 27 अगस्त 1957 को आंध्र प्रदेश  के कृष्ण जिले के पोन्नवरम गाँव में एक कृषि परिवार में हुआ था. पहले, वह दिल्ली उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश और आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश भी थे. उन्होंने आंध्र प्रदेश न्यायिक अकादमी के अध्यक्ष के रूप में भी काम किया है. वह 26 अगस्त 2022 को सेवानिवृत्त होंगे.
वह 10 फरवरी, 1983 को वकील बने थे. जस्टिस एन वी रमना ने आंध्र प्रदेश, मध्य और आंध्र प्रदेश प्रशासनिक न्यायाधिकरणों और भारत के सर्वोच्च न्यायालय में सिविल, आपराधिक, संवैधानिक, श्रम, सेवा और चुनाव मामलों में उच्च न्यायालय में प्रैक्टिस की है. उन्हें संवैधानिक, आपराधिक, सेवा और अंतर-राज्यीय नदी कानूनों में विशेषज्ञता हासिल है.
 
कई सरकारी संगठनों में पैनल काउंसिल के तौर पर किया काम
 
उन्होंने विभिन्न सरकारी संगठनों के लिए पैनल काउंसल के रूप में भी काम किया है. वह केंद्र सरकार के लिए अतिरिक्त स्थायी वकील और हैदराबाद में केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण में रेलवे के लिए स्थायी वकील के रूप में कार्य कर चुके हैं. उन्होंने आंध्र प्रदेश के एडिशनल एडवोकेट जनरल  के रूप में भी कार्य किया है. उन्हें 27 जून 2000 को आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय के स्थायी न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया था.
 
2013 में दिल्ली उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश बने
 
जस्टिस एन वी रमना 10 मार्च 2013 से 20 मई 2013 तक आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के रूप में कार्यरत रहे. उन्होंने कई राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलनों में भाग लिया और  भारत और विदेशों में आयोजित और कानूनी महत्व के विभिन्न विषयों पर पेपर्स सबमिट किए. वह दिल्ली उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के रूप में  साल 2013 को नियुक्त हुए थे.
 
2014 में सुप्रीम कोर्ट के जज बने
 
इसके बाद 17 फरवरी 2014 को न्यायमूर्ति एनवी रमन्ना सुप्रीम कोर्ट के जज बने। फिलहाल न्यायमू्र्ति एनवी रमन्ना सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ जजों की फेहरिस्त में आते हैं और सीजेआई एसए बोबडे  के बाद दूसरे नंबर पर आते हैं। पिछले कुछ सालों में न्यायमूर्ति का सबसे चर्चित फैसला जम्मू-कश्मीर में इंटरनेट की बहाली का था। 

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